ओशो ने ज्योतिष के विषय में अद्वैत का विज्ञान विषय लेकर लिखा है। इसमें ओशो कहते हैं जोतिष शायद सबसे पुराना विषय है और एक अर्थ में सबसे ज्यादा तिरस्कृत विषय भी है। सबसे पुराना इसलिए कि मनुष्य-जाति के इतिहास की जितनी खोजबीन हो सकी है उसमें ज्योतिष, ऐसा कोई भी समय नहीं था, जब मौजूद न रहा हो। जीसस से पच्चीस हजार वर्ष पूर्व सुमेर में मिले हुए हड्डी के अवशेषों पर ज्योतिष के चिह्न अंकित हैं। पश्चिम में पुरानी से पुरानी जो खोजबीन हुई है, वह जीसस से पच्चीस हजार वर्ष पूर्व इन हड्डियों की है, जिन पर ज्योतिष के चिह्न और चंद्र की यात्रा के चिह्न अंकित हैं। लेकिन भारत में... आप खुद ही पढ़ लें।
इस लिंक पर चुनिंदा प्रवचन वाले लिंक पर चटका लगाने पर ज्योतिष संबंधी दोनों लेख मिल जाएंगे।
यहां दूसरा भी अच्छा साहित्य मिल जाएगा।


बहुत दुखद है ... इतना प्राचीन विषय और उतना ही उपेक्षित ।