किधर हो घर की दिशा

ज्‍योतिष विद्यार्थी - सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi

यह इस पर निर्भर करता है कि आपका स्‍वभाव कैसा है। कैसा है घर आपका पोस्‍ट में मैं चार दिशाओं वाला और घर के आस-पास के वातावरण से ग्रहों के प्रभाव की व्‍याख्‍या कर चुका हूं। इसके बावजूद कई लोगों की जिज्ञासा बनी रहती है कि अगर ठीक पूर्व, पश्चिम, उत्‍तर या दक्षिण में न हो कोण में घर का मुख हो तो कौनसा मुख अच्‍छा रहेगा। अपनी वृत्ति के अनुसार जातक किसी एक दिशा को चुन सकते हैं। हर कोण को अपना स्‍थान प्राप्‍त है।
पूर्व दिशा में सूर्य है तो उत्‍तर पूर्व में गुरु और दक्षिण पूर्व में शुक्र का राज है।
पश्चिम दिशा में शनि है तो उत्‍तर पश्चिम में चंद्रमा और दक्षिण पश्चिम में राहू का स्‍थान है।
उत्‍तर दिशा बुध की और दक्षिण दिशा मंगल के अधिकार में है। इस प्रकार आठ स्‍थानों पर आठ ग्रहों का स्‍थान वास्‍तु पुरुष के अंगों में बताया गया है।
यह तो हुई सब्‍जेक्‍ट की बात। आपका सवाल अब भी बाकी है कि किस दिशा में मुख होने से क्‍या फल मिलेगा। पूर्व में सूर्य अधिकार दिलाएगा तो उत्‍तर पूर्व में गुरु ज्ञान, दक्षिण पूर्व में शुक्र ऐश्‍वर्य और भोग दिलाएगा तो उत्‍तर में बुध भरा पूरा परिवार और क्रिएटिविटी दिलाएगा। उत्‍तर पश्चिम में चंद्रमा कार्यों का आशातीत विस्‍तार करता है तो पश्चिम का शनि शांति और आराम दिलाएगा। दक्षिण पश्चिम का राहू का स्‍थान अगर हरियाली से घिरा और गंदगी से दूर है तो वैराग्‍य और आध्‍यात्‍म का रास्‍ता दिखाता है। इस स्‍थान पर गंदगी जातक को इतन परेशान करती है कि जातक मरने मारने की सोचने लगता है। दक्षिण दिशा का मंगल झगड़े-फसाद और लड़कपन दिलाता है। यहां महिलाएं कभी सुखी नहीं रहती। इस तरह आठ दिशाओं का फल बताया गया है।
वैसे एक बिंदु से अनन्‍त दिशाएं निकलती है। कम्‍पास लेकर खड़े होंगे तो इन आठ दिशाओं में भी कई और दिशाएं निकल आएंगी। फिर आठ और इस तरह 360 दिशाएं तो सामान्‍य कम्‍पास ही बता देगा, गौर करने की बात यह है कि इन दिशाओं में आपके घर कोण ऊपर बताई गई आठ दिशाओं में से जिसके अधिक करीब होगा रजिल्‍ट उसी दिशा के करीब होंगे। और यदि आपका कोण किसी दो दिशाओं के ठीक बीच में है तो मिला-जुला प्रभाव रहेगा।

शेष शुभम्

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